Editorials

नई शुरुआतें: स्टार्ट के अंत को अवसर के रूप में

साइलो और पनडुब्बियों की परछाईं में, जहां शीत युद्ध के हथियारों के भूत आज भी भटकते हैं, एक युग चुपचाप समाप्त हो रहा है। न्यू स्टार्ट—अमेरिका-रूस परमाणु हथियार नियंत्रण का अंतिम खंभा—5 फरवरी 2026 को समाप्त हो गया, बिना नवीनीकरण के और बिना शोक के। इसका अंत कोई भव्य समारोह नहीं, बस 1,550 तैनात वारहेड्स […]

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क्या भारत-यूरोपीय संघ का ‘सबसे बड़ा व्यापार समझौता’ डोनाल्ड ट्रंप के लिए खतरा बन सकता है?

भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच 27 जनवरी 2026 को हस्ताक्षरित ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। यह 20 वर्षों की लंबी वार्ताओं का परिणाम है, जो वैश्विक व्यापार व्यवस्था में भू-आर्थिक बदलाव का संकेत देता है। लेकिन क्या यह समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की

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Trump’s Greenland Gambit: From Tariff Threats to Diplomatic Thaw with Europe

The recent de-escalation in the Greenland dispute involves US President Donald Trump stepping back from threats of tariffs and force against Europe over the territory’s control. European leaders have welcomed this shift following talks at Davos. No specific “The Hindu” editorial titled “Welcome De-escalation” was found, but coverage aligns with the topic across Indian and

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ट्रंप अलगाववाद: भारत की अर्थव्यवस्था पर 5 बड़े झटके

ट्रंप प्रशासन के अलगाववाद से भारत के लिए तात्कालिक आर्थिक निहितार्थ व्यापार प्रतिबंधों, वीजा पाबंदियों और निवेश धीमेपन के रूप में उभर रहे हैं। रूसी तेल खरीद पर 500% शुल्क की धमकी से ऊर्जा आयात महंगा हो सकता है, जबकि आईटी निर्यात प्रभावित। यूएस निकास जलवायु फंडों से नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को धक्का लगेगा। व्यापार

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कचरा-ग्रस्त शहरी भारत का परिवर्तन: संकट से अवसर तक

कचरा-ग्रस्त शहरी भारत का परिवर्तन: संकट से अवसर तक शहरी भारत हर साल 62 मिलियन टन नगरपालिका ठोस कचरा उत्पन्न करता है, जिससे दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में लैंडफिल ओवरफ्लो हो रहे हैं। लेकिन इंदौर और अंबिकापुर की सफल कहानियां साबित करती हैं कि परिवर्तन संभव है।​ कचरा संकट की काली सच्चाई तेजी से

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WHO से अमेरिका की वापसी: वैश्विक स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा

WHO से अमेरिका की वापसी: वैश्विक स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा एक महत्वपूर्ण सबक : “जब तक हर कोई सुरक्षित नहीं है, तब तक कोई भी सुरक्षित नहीं है” U.S.A राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से अमेरिका को हटाने का फैसला, पक्षपात के आरोपों के आधार पर, न केवल हैरान करने वाला बल्कि

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भारत-बांग्लादेश संबंधों पर शेख हसीना विवाद का साया: “कूटनीति की परीक्षा”

नई दिल्ली और ढाका के बीच तनावपूर्ण मुद्दों को सुलझाने की कोशिशों के बीच, शेख हसीना को भारत से प्रत्यर्पित करने की बांग्लादेश की मांग अब भी एक जटिल और अनसुलझा विषय बनी हुई है। दिसंबर में ढाका दौरे के दौरान, भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भारत की दोस्ती को दोहराया और व्यापार, ऊर्जा,

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आर्थिक सुधारों के शिल्पकार: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निधन

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, जिन्हें भारत के आर्थिक सुधार कार्यक्रम के आर्किटेक्ट और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ ऐतिहासिक परमाणु समझौते के रूप में जाना जाता है, का निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे। सिंह को गुरुवार देर रात दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में भर्ती कराया गया

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“पुष्पा 2 की भगदड़: लापरवाही की कीमत”

भारत में भगदड़ की घटनाओं की आवृत्ति एक गंभीर समस्या की ओर इशारा करती है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े बताते हैं कि 1996 से 2022 के बीच लगभग 3,935 भगदड़ की घटनाएं हुईं, जिनमें 3,000 से अधिक लोगों की मौत हुई। ये आंकड़े बड़े आयोजनों के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में

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India’s Economic Conundrum: Sluggish Salaries, Subdued Demand, and the Path Ahead

India’s Economic Conundrum: Sluggish Salaries, Subdued Demand, and the Path Ahead In recent months, the Indian economy has been under intense scrutiny as key indicators reveal troubling trends. Despite its reputation as one of the fastest-growing major economies, India is grappling with sluggish wage growth, subdued household consumption, and insufficient job creation. These issues pose

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